भारतीय समाज में जेंडर: समसामयिक मुद्दे एवं चुनौतियाँ

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विषय

भारतीय समाज में जेंडर: समसामयिक मुद्दे एवं चुनौतियाँ

संपादक सम्बन्धी विवरण 

Associate Professor, Department of Sociology, Banaras Hindu University

Research Scholar, Department of Sociology, Banaras Hindu University


सम्पर्क

+91 9532554674

susmitasociology513@gmail.com

31st July 2023

अध्याय प्रस्तुत करने की समय-सीमा

August 2023

स्वीकृत/अस्वीकृति सम्बन्धी अधिसूचना

October 2023

अध्याय प्रस्तुत करने की अन्तिम समयावधि

परिचय

प्रिय विद्वतजन,

                     सम्पादित पुस्तक प्रकाशन (पीपुल्स लिटरेचर पब्लिकेशन) हेतु “भारतीय समाज में जेंडर: समसामयिक मुद्दे एवं चुनौतियाँ” विषय पर लेख आमंत्रित किया जा रहा है । आप पुस्तक अध्याय (बुक चैप्टर) के माध्यम से अपना बौद्धिक योगदान दे सकते हैं । अधिक जानकारी के लिए ईमेल या कॉल द्वारा सम्पर्क कर सकते हैं ।

विषय : भारतीय समाज में जेंडर: समसामयिक मुद्दे एवं चुनौतियाँ

उपविषय

  • लैंगिक भेदभाव एवं समाज में स्त्रीशक्ति की गतिशीलता: एक विश्लेषण
  • कोविड-19 के बाद की स्थिति एवं बदलते जेंडर समीकरण
  • लैंगिक अल्पसंख्यक समुदाय के जीवन अनुभव में समाज और परिवार का योगदान
  • समाज में लैंगिक भेदभाव एवं एलजीबीटी समुदाय
  • लिंग एवं विकलांगता
  • लिंग संवेदीकरण एवं शिक्षा
  • विकासशील देशों में जेंडर बजटिंग को लागू करने में चुनौतियाँ एवं संभावनाएं
  • लिंग एवं धर्म: धर्मशास्त्र और महिलाओं के धार्मिक नेतृत्व सहित धार्मिक विश्वासों और प्रथाओं के माध्यम से लिंग मानदंडों और अपेक्षाओं का निर्माण
  • महिलाओं के विरुद्ध घरेलू हिंसा एवं मानसिक स्वास्थ्य
  • कृषि का स्त्रीकरण
  • पारिस्थितिक नारीवाद एवं पर्यावरण
  • भारत में जनजातीय महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक स्थिति
  • लिंग समाजीकरण एवं परिवार
  • लैंगिक पहचान एवं मानवाधिकार
  • लिंग एवं निजता का अधिकार
  • लिंग एवं स्वास्थ्य
  • शारीरिक छवि: सामाजिक-सांकृतिक धारणाएं एवं पूर्वाग्रह
  • लैंगिक समानता पर मातृत्व और पितृत्व अवकाश नीतियों का प्रभाव
  • कार्यस्थल पर लैंगिक भेदभाव एवं यौन उत्पीड़न
  • लैंगिक समानता, विविधता एवं सामाजिक समावेशन
  • लिंग एवं परंपरा
  • लिंग एवं आधुनिकता
  • नारीवादी आंदोलन और सामाजिक परिवर्तन
  • लिंग एवं वैश्वीकरण
  • लैंगिक न्याय एवं मानव सम्पोषित विकास
  • छद्म नारीवाद एवं नव-उदारवाद
  • लैंगिक प्रतिनिधित्व एवं मीडिया
  • लैंगिक अध्ययन: “अतीत” मुद्दे और भविष्य की संभावनाएं

दिशा-निर्देश :

  • मंगल फॉन्ट में 14 साइज अथवा कोकिला फॉन्ट 18 साइज में पेपर लिखें ।
  • पेपर लिखने की शब्द सीमा संदर्भ सूची सहित न्यूनतम 3000 एवं अधिकतम 7000 होनी चाहिए ।
  • अध्याय के साथ अधिकतम 250 शब्दों का सार-संक्षेपण अवश्य भेजें ।
  • सभी प्रस्तुतियाँ निम्नलिखित ईमेल के माध्यम से की जानी चाहिए: susmitasociology513@gmail.com
  • अध्याय के साथ एक कवर लेटर अवश्य भेजें जिसमें लेखक का नाम, संबद्धता एवं सम्पर्क सम्बन्धित जानकारी शामिल हो ।
  • कृपया अपनी मूलकृति ही प्रकाशन हेतु भेजें ।
  • लेखक स्पष्ट हो लें कि प्रकाशन हेतु भेजा गया लेख पहले कभी प्रकाशित न हुआ हो और न ही प्रकाशन हेतु अन्य प्रकाशक को भेजा गया हो ।
  • फुटनोट (यदि आवश्यक हो) एवं रिफरेन्स (संदर्भ सूची) लिखना अनिवार्य है ।
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